इंडिगो क्रू रोस्टर विवाद : DGCA ने झुकाया सिर! सरकार के इंटरफेयर के बाद वापस लिया ऑर्डर, 5 दिसंबर का बड़ा अपडेट
DGCA Rule Withdrawn: पिछले दो दिनों से इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस से जुड़ी जो मुश्किलें देशभर के यात्रियों को परेशान कर रही थीं, अब उन पर विराम लगने वाला है. फ्लाइट्स के लगातार रद्द होने और देरी से उपजे संकट को खत्म करते हुए नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एक बड़ा कदम उठाया है.
क्रू रोस्टरिंग से जुड़ा अपना एक आदेश DGCA ने तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. इस मामले में हुई गहमागहमी के बाद यह खबर सामने आई है कि नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री राम मोहन नायडू ने पूरे मामले की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह को दी थी. इसके ठीक बाद DGCA ने यह फैसला लेते हुए एयरलाइन और यात्रियों दोनों को बड़ी राहत दी है.
क्या था विवादित नियम जो वापस लिया गया?
दरअसल, DGCA ने हाल ही में एक प्रावधान लागू किया था जिसने एयरलाइन के क्रू मेंबर्स की रोस्टरिंग में बड़ी दिक्कतें पैदा कर दी थीं. DGCA के पत्र दिनांक 20.01.2025 में यह निर्देश दिया गया था कि साप्ताहिक आराम (Weekly Rest) के बदले कोई भी छुट्टी (Leave) प्रतिस्थापित नहीं की जाएगी.
सीधे शब्दों में कहें तो, अगर किसी क्रू मेंबर का साप्ताहिक आराम का दिन है, तो एयरलाइन उस आराम के बदले उन्हें कोई और छुट्टी का विकल्प नहीं दे सकती थी. इस नियम के चलते एयरलाइंस के लिए क्रू का सही रोस्टर बनाना और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया था, जिसके कारण क्रू की कमी से फ्लाइट्स रद्द होने लगी थीं.
DGCA ने अब इस प्रावधान की समीक्षा करते हुए इसे वापस ले लिया है. यह आदेश सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की मंजूरी से जारी हुआ है और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
DGCA को कई एयरलाइनों से लगातार आवेदन मिल रहे थे कि यह नियम उनकी परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. इसके अलावा, पिछले दो दिनों से इंडिगो की फ्लाइट्स में हो रही लगातार देरी और रद्द होने की घटनाओं ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी थी. DGCA ने स्पष्ट किया कि चल रहे परिचालन व्यवधानों को देखते हुए फ्लाइट्स के ऑपरेशन की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करना जरूरी था. इसलिए, इस प्रावधान की समीक्षा की गई.
IndiGo ने किसे ठहराया था जिम्मेदार?
फ्लाइट्स रद्द होने के पीछे इंडिगो एयरलाइन ने तीन मुख्य कारण बताए थे. पहला तकनीकी खराबी, दूसरा खराब मौसम और नए क्रू रोस्टरिंग नियम FDTL. एयरलाइन का कहना था कि 1 नवंबर से लागू हुए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों ने उनके पायलट और चालक दल की कमी को बढ़ा दिया है, क्योंकि इन नियमों में पायलट के काम के घंटों पर सीमा तय कर दी गई है और उन्हें लंबा आराम अनिवार्य कर दिया गया है.
हालांकि, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने तर्क दिया था कि अन्य एयरलाइंस पर इन नियमों का कोई खास असर नहीं दिख रहा है, इसलिए सिर्फ FDTL को दोष देना सही नहीं है.
FDTL के नए नियम क्या थे?
फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम 1 नवंबर से लागू हुए थे. इसका उद्देश्य क्रू की थकान कम करना था. इन नियमों के तहत, पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम की अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया था, रात की ड्यूटी के समय को बढ़ाया गया था और सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह था कि एक हफ्ते में आधी रात से सुबह 6 बजे के बीच पायलटों की लैंडिंग की संख्या छह से घटाकर सिर्फ दो तक सीमित कर दी गई थी, जिससे क्रू की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ा और एयरलाइंस को रोस्टरिंग में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस वजह से हजारों की संख्या में IndiGo की उड़ाने रद्द हो गईं.
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