बिहार चुनाव हार के बाद कांग्रेस में घमासान, कार्यकर्ताओं ने आलाकमान पर लगाए गंभीर आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद Congress Bihar Election Loss का मुद्दा अब अंदरूनी घमासान में बदल गया है। रायपुर और दिल्ली दोनों जगहों पर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुलकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि AICC में बैठे कई वरिष्ठ नेता जमीनी हकीकत से कट चुके हैं और जिम्मेदारी मिलने के बाद पुराने कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हैं। कई नेताओं पर गाली-गलौज और गुंडई तक करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप टिकट वितरण को लेकर हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार चुनाव में ऐसे नेताओं को टिकट दिए गए जिनकी स्थानीय स्तर पर कोई पकड़ नहीं थी। आरोप है कि टिकटों का चयन योग्यता के बजाय पैसों के आधार पर हुआ, जिससे पार्टी की विश्वसनीयता और चुनावी स्थिति दोनों को नुकसान पहुंचा। जब जमीनी कार्यकर्ता ही उम्मीदवारों को स्वीकार नहीं कर रहे थे, तो जनता का समर्थन मिलना मुश्किल था।
बिहार में चुनावी प्रबंधन के लिए भेजे गए पर्यवेक्षकों और प्रभारियों के खिलाफ भी कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। कई कार्यकर्ता यह तक कह रहे हैं कि आलाकमान की गलत रणनीति और जमीनी स्तर पर संवादहीनता के कारण यह "शर्मनाक हार" हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके समर्थकों के खिलाफ भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
बिहार के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह खुला विरोध अब राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बन गया है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो आशंका है कि यह असंतोष अन्य राज्यों के संगठन तक भी पहुंच सकता है। कुल मिलाकर, Congress Bihar Election Loss पार्टी के आंतरिक संकट को और गहरा कर रहा है, जिसकी गूंज आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
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