तीन चुनावों बाद पहली बार स्थिरता: बीजेपी में सीएम, डिप्टी सीएम पद पर ‘नो चेंज’
पटना। बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार का सीएम बनना तय है. वहीं डिप्टी सीएम को लेकर भी तस्वीर साफ हो गई है. नीतीश कुमार जेडीयू विधायक दल के नेता चुने गए हैं. वहीं सम्राट चौधरी बीजेपी विधायक दल के नेता और विजय सिन्हा उपनेता चुने गए हैं. इसके साथ ही साफ हो गया है कि वही तिकड़ी एक बार फिर नई सरकार में नजर आएगी. पिछले तीन विधानसभा चुनाव की अगर बात करें, तो हर बार भाजपा अपने डिप्टी सीएम को बदल देती है. ऐसे में सवाल ये भी था कि क्या डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पद पर बने रहेंगे या बदल दिए जाएंगे. नई सरकार गठन की तैयारी जोरों पर है. आज बुधवार को एनडीए के विधायक दल की बैठक भी होनी है. गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में शपथ समारोह रखा गया है. लेकिन, इसके पहले बीजेपी और जेडीयू विधायक दल की बैठक में नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ हो गई है.
2005 से डिप्टी सीएम बनाने की परंपरा
बिहार में नीतीश कुमार जब से सत्ता में आए हैं, तब से डिप्टी सीएम बनाने की परंपरा चली आ रही है. 2005 में सुशील मोदी भाजपा के कोटे से डिप्टी सीएम बने थे. ये जोड़ी 2013 तक चली. नीतीश कुमार इसके बाद आरजेडी में शामिल हो गए. 2017 में जब नीतीश कुमार दोबारा एनडीए के साथ आए तो फिर सुशील मोदी डिप्टी सीएम बने. हालांकि इसके बाद से कोई दोबारा डिप्टी सीएम नहीं बन पाया.
तीन बार से बदलते रहे डिप्टी सीएम
2020 में सुशील मोदी की जगह पर दो डिप्टी सीएम बनाए गए. बीजेपी कोटे से तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को डिप्टी सीएम बनाया गया. लेकिन ज्यादा दिन तक ये पद पर नहीं रह पाए. नीतीश ने पाला बदला तो पूरा गेम पलट गया. लेकिन एक बार फिर 2024 में एनडीए की सरकार बनी तो फिर नए चेहरों को डिप्टी सीएम बनाया गया. वर्तमान में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम के पद पर हैं और अब नई सरकार में भी यही तिकड़ी नजर आएगी.
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