एंडगेम बॉम्बर: ट्रंप का गुप्त न्यूक्लियर हथियार हो गया उजागर, रूस-चीन के लिए चेतावनी
वाशिंगटन। अमेरिका के हवाई क्षेत्र से छोड़ी जाने वाली न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल एजीएम-181 एलआरएसओ की तस्वीरें और विवरण सामने आने के बाद वैश्विक सुरक्षा पर बहस तेज हो गई है। कैलिफ़ोर्निया में एक प्लेनस्पॉटर द्वारा हाल ही में ली गई तस्वीरों ने पेंटागन की उस गोपनीय परियोजना का पर्दाफाश कर दिया जिसे वर्षों से गुप्त रखा गया था।
बताया जाता है कि एलआरएसओ को पुराने एजीएम-86बी की जगह आधुनिक न्यूक्लियर वाली क्रूज मिसाइल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह मिसाइल बी-52 बॉम्बर के भीतर लटकती दिखाई गई और इसके बाद बताया गया कि आगे चलकर यह बी-21 रेडर स्टेल्थ बॉम्बर पर भी तैनात की जाएगी। परिमार्जित तौर पर इसका उद्देश्य दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा देकर गुप्त और सटीक हमला करना है।
तकनीकी स्पेसिफिकेशन के मुताबिक एलआरएसओ की लंबाई लगभग 6.4 मीटर और वजन लगभग 1,360 किलोग्राम है। यह सबसोनिक गति से उड़ते हुए 2,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर सकती है। मिसाइल में डब्ल्यू80-4 नामक न्यूक्लियर वॉरहेड के प्रयोग की संभावना है, जिसका वेरिएबल यील्ड 5 से 150 किलोटन के बीच बताया जा रहा है, अधिकतम यील्ड पर यह हिरोशिमा बम से कई गुना अधिक विनाशक शक्ति रखती है। मार्गदर्शन के लिए इनर्शियल, जीपीएस और टेरकॉम सिस्टम मौजूद हैं, जबकि मिसाइल के स्टेल्थ फीचर्स और फोल्डिंग विंग इसे रडार में कम दृष्टिगोचर बनाते हैं।
यहां बताते चलें कि इस प्रोजेक्ट का विकास 2017-2021 के दौरान तेज़ हुआ और इसमें रिथियॉन जैसी रक्षा कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई। पहली टेस्ट फ्लाइट 2025 में हुई और 2030 तक इसे तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है। पेंटागन का कहना है कि यह पुराने हथियारों का अपग्रेड है और रूस-चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के बढ़ते हाइपरसोनिक व मिसाइल क्षमताओं का जवाब देने के लिए विकसित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एलएसओ जैसी क्षमताएं डिटरेंस की पुरानी परिभाषा को और जटिल कर देंगी, क्योंकि कम ऊँचाई पर चुपके से उड़ने वाली न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल पूर्व-सक्रियता और प्रथम प्रहार के दायरे को बदल सकती है। जबकि अमेरिकी अधिकारी इसे रणनीतिक संतुलन और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली तकनीक बता रहे हैं, आलोचक कहते हैं कि ऐसे हथियारों की तैनाती इलाके में संवेदनशीलता बढ़ा सकती है और नये सुरक्षा जोखिम उत्पन्न कर सकती है।
ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर उठे सवाल, रोहित पवार ने लगाया पेपर लीक का आरोप
CJP का सरकार पर बड़ा हमला, कहा- छात्रों के खिलाफ कार्रवाई तुरंत रोको
धरती का खिसकना आया सामने, NISAR सैटेलाइट ने खोली वेनेजुएला भूकंप की परतें
नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: महाराष्ट्र के व्यक्ति से ठगे 70 लाख, 5 गिरफ्तार
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बदली तस्वीर, 'निपुण हरियाणा' से बढ़ी सीखने की क्षमता
बचपन का प्यार, लव मैरिज और फिर दर्दनाक अंत; पति की मौत से चंडीगढ़ में सनसनी
मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक, स्टाफ को कहा धन्यवाद; बताया आगे का प्लान
दिल्ली की भागदौड़ से ब्रेक लें, कुछ घंटों की दूरी पर हैं ये शानदार टूरिस्ट स्पॉट
बार-बार हो रही सर्दी-जुकाम की परेशानी? ट्राई करें ये आसान घरेलू काढ़ा