नाखून हमारे शरीर की आंतरिक सेहत का संकेत : आयुर्वेद
लंदन। आयुर्वेद में नाखूनों को शरीर का आईना कहा गया है, क्योंकि इनके रंग, बनावट और आकार से यह पता लगाया जा सकता है कि शरीर के भीतर कोई समस्या तो नहीं। अक्सर लोग नाखूनों को केवल हाथों की खूबसूरती का प्रतीक मानते हैं, लेकिन वास्तव में नाखून हमारे शरीर की आंतरिक सेहत का भी संकेत देते हैं।
नाखून मुख्य रूप से केराटिन और क्यूटिकल से बने होते हैं। केराटिन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो बालों और त्वचा के ऊतकों का निर्माण करता है और नाखूनों की ऊपरी परत को सुरक्षित रखता है। यह नाखूनों को मजबूती देता है और चोट लगने पर घाव को जल्दी भरने में मदद करता है। वहीं, क्यूटिकल नाखूनों को त्वचा से जोड़े रखने का काम करता है और बैक्टीरिया व फंगस को अंदर प्रवेश करने से रोकता है। इसे नाखून और त्वचा का “बॉडीगार्ड” भी कहा जाता है। नाखून न केवल हाथों की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि उंगलियों को भी सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह उंगलियों की ऊपरी सतह को चोट और संक्रमण से बचाते हैं तथा उनकी पकड़ को मजबूत बनाते हैं।
इसके कारण हम भारी या सख्त वस्तुएं आसानी से उठा पाते हैं। नाखूनों की स्थिति कई बार शरीर के भीतर चल रही परेशानियों की ओर संकेत करती है। उदाहरण के लिए, अगर नाखून पीले हो रहे हैं, तो यह फंगल संक्रमण या लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। नाखूनों का सफेद होना शरीर में खून, विटामिन बी12 और फोलिक एसिड की कमी दर्शाता है। वहीं, नाखूनों पर अचानक बनने वाली रेखाएं थायराइड जैसी हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत देती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। नाखूनों की देखभाल के लिए बहुत जटिल उपायों की जरूरत नहीं होती। घर पर ही कुछ आसान घरेलू नुस्खों से इन्हें स्वस्थ और सुंदर रखा जा सकता है।
नींबू और जैतून के तेल का मिश्रण बनाकर नाखूनों की मालिश करने और कुछ देर तक उन्हें उसमें डुबोकर रखने से नाखूनों का पीलापन दूर होता है। वहीं, नारियल या बादाम के तेल से नियमित लेप करने पर नाखून मजबूत बनते हैं। सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी नाखूनों के स्वास्थ्य के लिए उतना ही जरूरी है। आयुर्वेद में नाखूनों को हड्डियों से जुड़ा माना गया है। जब हड्डियां कमजोर होती हैं, तो नाखूनों का टूटना शुरू हो जाता है। इसलिए आहार में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी शामिल करना चाहिए। विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करती है, जिससे नाखून मजबूत बने रहते हैं और जल्दी नहीं टूटते।
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