महाराष्ट्र NDA में घमासान, सहयोगी दल शिवसेना-NCP ने ही दे डाली भाजपा सांसद पर लगाम लगाने की नसीहत
मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्ताधारी NDA गठबंधन की गांठ ढीले पड़ गए हैं और गठबंधन के अंदर ही घमासान छिड़ गया है। हालात, यहां तक पहुंच गए हैं कि दो सहयोगी दलों (शिवसेना और NCP) ने भाजपा (BJP) को अपनी ही सांसद पर लगाम लगाने की नसीहत दे डाली है। दरअसल, ये विवाद एक शुद्धिकरण समारोह से जुड़ा हुआ है, जिसे अंजाम दिया है भाजपा की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी (Rajya Sabha MP Medha Kulkarni) ने। कुलकर्णी ने रविवार को पुणे के शनिवार वाड़ा में ‘शुद्धिकरण समारोह’ आयोजित किया था।
पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा में मुस्लिम महिलाओं द्वारा पेशवाओं के गढ़ रहे पुणे के किले में नमाज पढ़े जाने के विरोध में भाजपा सांसद की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं और हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहां गोमूत्र छिड़क कर उसका शुद्धिकरण किया था। इस घटना की दोनों उप मुख्यमंत्री यानी एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने निंदा की है और भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी की इस हरकत की आलोचना की है। दोनों ही सहयोगी दलों ने भाजपा सेअपनी राज्यसभा सांसद पर लगाम लगाने को कहा है।
भाजपा सांसद पर FIR दर्ज करने की मांग
एक रिपोर्ट के मुताबिक, NCP प्रवक्ता रूपाली पाटिल थोम्ब्रे ने कहा, “हम भाजपा से उन पर लगाम लगाने की मांग कर रहे हैं। हम पुलिस से भी मांग कर रहे हैं कि सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश के लिए उन पर मामला दर्ज किया जाए। वह हिंदू बनाम मुस्लिम का मुद्दा उठा रही हैं, इसलिए उनके खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए, भले ही वह सांसद ही क्यों न हों। पुणे में हिंदू और मुसलमान भाई-भाई की तरह रहते हैं और उन्हें ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी।” थोम्ब्रे ने सोमवार की शाम पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कुलकर्णी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर एक आंदोलन भी चलाया।
अल्पसंख्यक समुदाय पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश
दरअसल, महाराष्ट्र में होने वाले स्थानीय चुनावों से पहले एनसीपी अल्पसंख्यक समुदाय पर अपनी पकड़ फिर से बनाने की कोशिश कर रही है, जिसे भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल होने के बाद झटका लगा है। भाजपा सांसद के किलाफ FIR और सख्त कार्रवाई की मांग NCP की इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।
गलतफहमी न पालें कि सरकार में हैं
दूसरी तरफ, भाजपा के हिंदुत्व विचारों की सहयोगी शिवसेना ने भी मेधा कुलकर्णी पर निशाना साधा है। शिवसेना नेता नीलम गोरहे ने कहा, “शनिवार वाड़ा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसके कुछ नियम हैं और इन नियमों का पालन किया जाना चाहिए। अगर इन नियमों का उल्लंघन होता है, तो राज्य पुलिस और जिला कलेक्टर को कार्रवाई करनी चाहिए।” उन्होंने दो टूक कहा कि किसी को भी यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि वह सरकार में हैं।
भाजपा सांसद का अल्टीमेटम
गोरहे और थोम्ब्रे की यह आलोचना उस घटना के बाद आई है जब कुलकर्णी ने कुछ हिंदू संगठनों के साथ मिलकर रविवार को उस जगह पर गोमूत्र छिड़का जहाँ मुस्लिम महिलाएँ नमाज़ पढ़ रही थीं। इतना ही नहीं कुलकर्णी ने शनिवार वाड़ा के बाहर स्थित एक मज़ार और दरगाह को एक सप्ताह के भीतर हटाने का अल्टीमेटम भी दिया था। दूसरी तरफ, भाजपा सांसद के आंदोलन के बाद, पुलिस ने संरक्षित स्थल पर नमाज़ अदा करने के आरोप में अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस का तंज और सवाल
कांग्रेस ने भी भाजपा के शुद्धिकरण कार्यक्रम और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, “शनिवार वाड़ा को शुद्ध करने का कार्य वास्तव में हास्यास्पद है। शनिवार वाड़ा कोई धार्मिक स्थल नहीं है।” उन्होंने कहा, “यह दरगाह पेशवा काल से ही वहाँ मौजूद है। पेशवाओं ने खुद इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।” कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “शनिवार वाड़ा में इतना कुछ हो चुका है कि भाजपाइयों, आपके तर्क के अनुसार, तो पूरे वाड़ा को ही गोमूत्र से धोना चाहिए। इस तरह जनता को भी पता चल जाएगा कि आपकी मानसिकता कितनी पिछड़ी है।”
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