दो धमाके, पांच जानें और चार घंटे का आतंक: अयोध्या में आपातकालीन जांच
अयोध्या के पगलाभारी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. गुरुवार को यह गांव तेज धमाकों से गूंज उठा. यहां एक मकान में रात साढ़े सात बजे सिलिंडर ब्लास्ट हुआ. इस ब्लास्ट से मकान मलबे में तब्दील हो गया. हादसे में पिता, उनके दो बेटे, एक बेटी और एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई. तत्काल गांव में बचाव टीम पहुंची. रेस्क्यू कार्य शुरू हुआ है. इसी बीच, रात साढ़े 11 बजे मलबों में दोबारा ब्लास्ट हुआ, जिसमें मौके पर मौजूद एक कर्मचारी घायल हो गया. इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया. अब हादसे वाली जगह पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है. मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं.
रामकुमार गुप्ता उर्फ पप्पू के मकान में ब्लास्ट गुरुवार शाम लगभग 7:30 बजे हुआ. ब्लास्ट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि उसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे, तो वहां देखकर अंदाजा लगाना भी मुश्किल था कि पहले यहां कोई इमारत थी.
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे डीएम-एसपी
सूचना मिलते ही इलाके के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए. मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ जिले के पुलिस कप्तान डॉ गौरव ग्रोवर और जिला अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे भी कई घंटे तक मौजूद रहे. डीएम ने बताया कि शुरुआती जांच में यह किचन में कुकर और गैस सिलेंडर ब्लास्ट का मामला प्रतीत होता है. हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है.
फिर दोबारा ब्लास्ट हुआ
घटनास्थल पर अधिकारियों के जाने के लगभग डेढ़ घंटे बाद रात 11:30 बजे जेसीबी द्वारा मलबे को हटाने का काम चल रहा था. इस दौरान लेखपाल अशोक सिंह भी मौजूद थे. अचानक जेसीबी के कंक्रीट पर घर्षण से चिंगारी निकली, जिससे एक और धमाका हुआ. इससे पूरे क्षेत्र में भय और दहशत फैल गई. मौके पर मौजूद लेखपाल आकाश कुमार सिंह घायल हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है.
250 मीटर की दूरी पर मिला मोबाइल
दूसरे विस्फोट के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. शुक्रवार सुबह से घटनास्थल पर आम लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से विस्फोट स्थल और आसपास के 800 मीटर क्षेत्र की सघन जांच की गई. इस दौरान विस्फोट स्थल से लगभग 250 मीटर की दूरी पर एक मोबाइल बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया है.
गांववालों के मुताबिक, साल 2024 में भी रामकुमार गुप्ता के पुराने मकान में विस्फोट हुआ था. उस विस्फोट में रामकुमार की मां, पत्नी समेत एक अन्य लड़की की मौत हो गई थी. रामकुमार पटाखों का कारोबार करता था. गुरुवार को हुए हादसे में रामकुमार, उनके 2 बेटे लव (8) और यश, बेटी इशी और साली वंदना की मौत हो गई है.
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