बाइडन ने उपराष्ट्रपति रहते छिपाई थीं यूक्रेन में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें, CIA की फाइलों से हुआ खुलासा
वॉशिंगटन। अमेरिकी खुफिया एजेंसी (US Intelligence Agency) के पुराने रिकॉर्ड से एक बड़ा खुलासा हुआ है। इन फाइलों के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और उस समय के उपराष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने दिसंबर 2015 में यूक्रेन (Ukraine) यात्रा के दौरान भ्रष्टाचार (Corruption) पर जो भाषण दिया था, उसके पीछे एक बड़ी कहानी छिपाई गई थी। यूक्रेन के अधिकारियों ने उस समय अमेरिकी रुख को ‘दोहरा मापदंड’ बताया था, लेकिन यह नाराजगी अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से हटा दी गई थी। यह जानकारी हाल ही में उजागर की गई सीआईए की फाइलों से सामने आई है।
दिसंबर 2015 में जो बाइडन ने यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा किया था, वहां उन्होंने यूक्रेनी संसद में भाषण देकर कहा था कि भ्रष्टाचार ‘कैंसर’ की तरह है और इसे जड़ से खत्म करना होगा। इस भाषण के बाद यूक्रेनी अधिकारी नाराज थे। उनका कहना था कि अमेरिका खुद भ्रष्टाचार पर दोहरी नीति अपना रहा है, क्योंकि उस समय बाइडन के बेटे हंटर बाइडन यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी बुरिज्मा होल्डिंग्स में काम कर रहे थे और हर साल लगभग 1 मिलियन डॉलर का मेहनताना ले रहे थे। यूक्रेनी अधिकारियों ने निजी तौर पर कहा था कि जब अमेरिका ही इस तरह के पारिवारिक संबंधों को नजरअंदाज कर रहा है, तो उसे दूसरों को भ्रष्टाचार पर भाषण देने का कोई हक नहीं बनता।
सीआईए की उजागर की गई फाइलों के अनुसार, यूक्रेन की इस नाराजगी की रिपोर्ट तैयार तो हुई थी, लेकिन इसे तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कॉलिन काह्ल के अनुरोध पर राष्ट्रपति के दैनिक खुफिया ब्रीफ में शामिल नहीं किया गया। सीआईए के एक अधिकारी की तरफ से 10 फरवरी 2016 को भेजे गए ईमेल में साफ लिखा गया- काह्ल चाहते हैं कि यह रिपोर्ट प्रसारित न की जाए।’ यह ईमेल उस समय राष्ट्रपति बराक ओबामा को रोजाना ब्रीफ देने वाले अधिकारी माइकल डेम्पसी ने भेजा था। डेम्पसी सीधे खुफिया प्रमुख जेम्स क्लैपर को रिपोर्ट करते थे। बता दें कि क्लैपर पर पहले से ही रूसगेट स्कैंडल में भूमिका को लेकर जांच के दायरे में हैं।
राष्ट्रपति की दैनिक खुफिया रिपोर्ट में दुनिया भर की अहम राजनीतिक और सुरक्षा जानकारियां दी जाती हैं ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति समय रहते किसी भी संकट से निपटने की तैयारी कर सकें। यूक्रेन की इस नाराजगी को रिपोर्ट से हटा देना यह दिखाता है कि अमेरिकी प्रशासन ने उस समय बाइडन परिवार से जुड़े विवाद को छुपाने की कोशिश की थी। इसके अलावा, इसी दौरान अमेरिकी मीडिया में भी हंटर बाइडन के यूक्रेन से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर सवाल उठ रहे थे। यूक्रेनी अधिकारियों ने इस अमेरिकी मीडिया कवरेज को ‘दोहरा रवैया’ कहा था।
ममता के समर्थन में उतरे केजरीवाल, BJP पर तीखा हमला—‘कमल का बटन खतरनाक’
मिडिल ईस्ट पर मतभेद, BRICS में आम सहमति मुश्किल; भारत ने फलस्तीन का किया समर्थन
बंगाल में प्रचार का आखिरी दिन, TMC का बड़ा दावा—4 मई के बाद नहीं दिखेंगे बाहरी नेता
बेमौसम बारिश से किसानों की कमर टूटी, बेगमगंज मंडी में गेहूं हुआ खराब
सिंगूर में बदले सुर, कभी जीत दिलाने वाला इलाका अब दिखा नाराज
लद्दाख संकट पर बड़ा कदम, 22 मई को गृह मंत्रालय की अहम बैठक
विधान परिषद चुनाव में बड़ा मुकाबला, कई दिग्गजों की सीटें खाली, नजरें नतीजों पर
एमपी विधानसभा में आज विशेष सत्र, कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में