शरद पूर्णिमा पर महासंयोग! एक ही रात में पाएं मां लक्ष्मी और महादेव का दोहरा वरदान
साल के 12 महीनों में आने वाली प्रत्येक पूर्णिमा का धार्मिक महत्व होता है, लेकिन शरद पूर्णिमा का दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है. वहीं पवित्र नदी में स्नान और दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है.
इस वर्ष शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को
मिथिला पंचांग के अनुसार, इस वर्ष शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से सभी दुख दूर होते हैं. जीवन में खुशियों का आगमन होता है. साथ ही घर-परिवार में धन-धान्य की वृद्धि होती है.
सभी मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण
पूर्णिया के पंडित मनोत्पल झा के अनुसार, शरद पूर्णिमा का दिन न सिर्फ भगवान विष्णु और लक्ष्मी बल्कि भोलेनाथ की उपासना के लिए भी बेहद शुभ होता है. मान्यता है कि इस दिन यदि शिवलिंग का विशेष अभिषेक किया जाए तो सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. साथ ही जीवन में स्थायी सुख-शांति बनी रहती है.
शरद पूर्णिमा पर करें ये विशेष अभिषेक
पंडित झा बताते हैं कि शरद पूर्णिमा की सुबह स्नान करने के बाद शिव मंदिर जाएं और श्रद्धा के साथ जलाभिषेक करें. इसके बाद केसर, बेलपत्र और फूल अर्पित करें. फिर शिवलिंग पर गन्ने का रस, दूध, दही और शहद से अभिषेक करें. अभिषेक के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें.
महादेव की मिलती है विशेष कृपा
ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, आर्थिक तंगी दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. शरद पूर्णिमा का यह दिन तीनों देवताओं-विष्णु, लक्ष्मी और महादेव को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम अवसर माना गया है.
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