शिवराज, हेमंत की मुलाकात ने बढ़ाया सियासी पारा, निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर चर्चा
भोपाल। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की निुयक्ति के बाद से पार्टी के नेताओं को निगम-मंडलों में नियुकित का इंतजार है इसको लेकर कई बार कयास भी लगाए जा चुके है। कि जल्द ही निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियां की जा सकती है। इस बात को मंगलवार को उस समय और बल मिला जब केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की । शिवराज और हेमंत की इस मुलाकत को लेकर राजनीतिक सरगर्मिया बढ़ गई हेै। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के निंगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर ाी चर्चा की गई है।
प्रदेश भाजपा की कार्यकारिणी की घोषणा दशहरे के बाद कभी भी हो सकती है । इसके बाद निगम-मंडलों में नियुक्तियां की जाएगी। इसके लिए कई नेता पिछले दो वर्षो से इंतजार भी कर रहे है। कांग्रेस से भाजपा में आए कई नेता तो इसी आस में बैठे है। इसके लिए वह कई बार भेापाल से लेकर दिल्ली तक अपने आकाओं की चौखट पर दस्तक भी दे चुके हे। मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष से केन्द्रीय मंत्री की मुलाकात ने इस बात को बल दिया हे कि जल्द ही यह राजनीतिक नियुक्तियों की जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश कार्यसमिति में शिवराज अपने लोगों को एडजस्ट कराने में लगे हे। शिवराज भले ही केन्द्र में मंत्री बन गए है लेकिन प्रदेश की राजनीति में इनका प्रभाव पहले जैसा ही है। इसलिए प्रदेश संगठन और निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर उनसे रायशुमारी की जा रही है। प्रदेश कार्यालय के बंद कमरे में दोनों नेताओं की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष इस मुलाकात को सेवा पखवाडे से जोडक़र बता रहे है। लेकिन भाजपा की चौकाने वाली राजनीति से राजनीति के जानकार भली-भाङ्क्षत परिचित है।
नेपाल PM बालेश शाह की बढ़ीं मुश्किलें, सत्ता संभालते ही विरोध तेज
IPL 2026: कगिसो रबाडा का कथित 'स्मोकिंग' वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस।
क्या स्पर्श से अपवित्र हो जाते हैं देवता? सबरीमाला सुनवाई में उठा बड़ा सवाल
दिल्ली में आज BJP की अहम बैठक, मेयर-डिप्टी मेयर के नामों पर फैसला संभव
सिविल सेवा दिवस पर स्कूल शिक्षा विभाग का परचम; 'साधना सप्ताह' में मिला प्रदेश में तीसरा स्थान।
श्रद्धालुओं के विश्वास से खिलवाड़, चढ़ावे की चांदी में सिर्फ 5% असली धातु