नंदिनी के सुरों से बंधा समां, छह घंटे तक बरसा संगीत का रस
नंदिनी के सुर मय स्वर से बरसा रसरंग
अंतरंग संगीत समागम में छह घंटे सुर साधना
मुख्यमंत्री के सलाहकार श्रीराम तिवारी थे ख़ास मेहमान
शत्रुघ्न सिन्हा के भाई केके सहाय ने सहगल और मुकेश को किया जीवंत
भोपाल । भोपाल में गत रात्रि से ही एक अंतरंग संगीत समागम में भारतीय सुगम संगीत ने सभी नौ-रस की वर्षा कर मेहफिल के मेहमानों को विभोर कर दिया । इसका आयोजन राजधानी की जानीमानी कोयल-कंठी गायिका नंदिनी सोमानी ने अपने मशहूर बैनर तले किया । इसका नाम है—“सुर मय स्वर ।” मेहफिल शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक चली । क़रीब दो दर्जन गायक और गायिकाओं ने समाँ बाँध दिया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे मुख्यमंत्री
डॉ मोहन यादव के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, जो विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक और वीर भारत न्यास के सचिव भी हैं । कार्यक्रम की अध्यक्षता की छत्तीसगढ़ के सुगम संगीत के बादशाह और उद्योगपति तथा फ़िल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा के भाई और सहपाठी केके सहाय । विशेष अतिथि थे—प्रख्यात कवयित्री, कहानीकार और शिक्षाविद डॉ मंजु तिवारी एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी तथा गायक प्रभाकर जुगादे ।
फ़िल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा के भाई और सहपाठी केके सहाय ने केएल सहगल एवं मुकेश की यादें ताज़ा कर दीं । ख़ासकर— झूम झूम के नाचो आज । सभी गायक,गायिकाओं ने एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुति दी । विशेष आकर्षण थीं भोपाल में तेज़ी से उभर रही 14 वर्षीया ब्लेसी सोमानी, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज में कुछ गीत सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया।ब्लेसी ने—ये मोह मोह के धागे, नंदिनी सोमानी एवं नरेश मालवीय ने—प्यार में होता है क्या जादू, ऋषिकेश थालनेरकर एवं सुनैना तिवारी ने—गोरे रंग पे न इतना आदि गानों की शानदार प्रस्तुति दी । पंकज पाठक ने गाने के बजाय बच्चन जी की मधुर मधुशाला तरन्नुम में सुनाई। शिवांगी पवार, अजय खंगन, सजिश नायर, मधु सिंह, अतुल, नीरज कुरवानी, योगेश मलानी, नेहा, मदन विश्वकर्मा, प्रदीप हरतालकर, सुरेश तनवानी, मुकेश पालीवाल, रुपबसंत, गरिमा भट्ट, प्रज्ञा चौबे, पीएन स्वर्णकार, हरीश जांगड़, भूषण टाँडे आदि ने भी अपनी प्रस्तुति दी । अर्पिता सक्सेना ने गाया भी और मंच संचालन भी किया।
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