भर्ती प्रक्रिया में OBC बैकलॉग पदों में हेरफेर का आरोप, हाईकोर्ट ने जिम्मेदारों से मांगा जवाब
जबलपुर : उच्च शिक्षा विभाग की भर्ती में ओबीसी के बैकलॉग पदों में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने मामले में मप्र लोक सेवा आयोग व अन्य से जवाब तलब किया है. एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की है.
क्या है पूरा मामला?
यह याचिकाएं सागर निवासी लीलाधर लोधी, दीपक सिंह ठाकुर, इंदौर निवासी शुभम चौधरी, प्रेमलता, बालाघाट निवासी खुशबू चौरसिया व अन्य की ओर से दायर की गई हैं, जिनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व हितेंद्र गोहलानी ने पक्ष रखा. अधिवक्ताओं ने बताया कि आयोग ने 30 दिसंबर 2024 को उच्च शिक्षा विभाग में अंग्रेजी विषय में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया. इसमें 2019 के पूर्व के अंग्रेजी विषय में ओबीसी वर्ग के कुल 31 बैकलॉग पदों को शामिल किया गया है. इसी में हेरफेर के आरोप लगे हैं.
सहायक प्राध्यापक पद के लिए हुई थी परीक्षा
दरअसल, आवेदकों की ओर से कहा गया कि आयोग ने 30 दिसंबर 2022 को अंग्रेजी विषय में सहायक प्राध्यापक के कुल 200 पद विज्ञापित किए थे. उसमें ओबीसी के बैकलॉग पद विज्ञापित नहीं किए गए थे. उसकी नियुक्ति प्रक्रिया अभी जारी है. याचिकाकर्ता 2022 की भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें साक्षात्कार में कम अंक देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
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