जब संगीत बना भक्ति का स्वर... इलैयाराजा की प्रस्तुति पर भावविभोर हुए प्रधानमंत्री मोदी
अरियालुर: तमिलनाडु के ऐतिहासिक नगर गंगईकोंड चोलपुरम में आयोजित राजेन्द्र चोलन की मुप्पेरुम उत्सव और आदि तिरुवाधिरै महोत्सव में उस समय भावनाओं की बयार बहने लगी जब भारत के महान संगीतकार पद्म भूषण इलैयाराजा ने अपनी संगीत मंडली के साथ मंच संभाला और भगवान शिव को समर्पित भजनों से वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद थे, जो दो दिवसीय दौरे पर तमिलनाडु आए हुए हैं.
भक्ति संगीत में डूबा मंच, पीएम मोदी ने भी बजाया डमरू
कार्यक्रम की शुरुआत कलाक्षेत्र के भरतनाट्यम नृत्य समूह की प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें पारंपरिक तेवरम थिरुमुरई का पाठ भी शामिल था. इसके बाद मंच संभाला महान संगीतकार इलैयाराजा ने, जिन्होंने अपने बैंड के साथ सबसे पहले फिल्म "नान कडवुल" का लोकप्रिय और आध्यात्मिक गीत “ओम् शिवोहम्” प्रस्तुत किया.
इसके पश्चात उन्होंने “नमशिवाय वाझा… नाथन थाल वाझा” गीत गाया, जो श्रोताओं को गहराई से छू गया. उन्होंने मंच से तिरुवासगम और शिव पुराण से कई भजन प्रस्तुत किए, जिन्हें उन्होंने स्वयं संगीतबद्ध किया है. इन गीतों को सुनकर प्रधानमंत्री मोदी खुद खड़े होकर तालियों से स्वागत करने लगे, और बाद में मंच पर बैठते हुए अपने हाथों से डमरू बजाते हुए संगीत का आनंद लिया.
महान संत माणिक्कवाचकर की कथा से हुआ समापन
संगीत कार्यक्रम के बाद इलैयाराजा ने संत माणिक्कवाचकर और भगवान शिव की भक्ति की कथा सुनाई, जिसमें उन्होंने वर्णन किया कि कैसे माणिक्कवाचकर भगवान की प्रतीक्षा में तपस्या करते रहे. यह कथा उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर गई.
प्रधानमंत्री ने मंदिर में की पूजा, मिला विशेष प्रसाद
इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगईकोंड चोलपुरम मंदिर पहुंचकर लिंग रूपी बृहदीश्वर शिवलिंग के दर्शन किए और विधिवत पूजा अर्चना की. मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें पूर्ण कुम्भ और प्रसाद भेंट किया गया.
3 किलोमीटर लंबा रोड शो, जनसैलाब से स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर एक भव्य 3 किलोमीटर लंबा रोड शो आयोजित किया गया. पोंनेरी हेलीपैड से लेकर मंदिर स्थल तक पीएम मोदी ने खुली गाड़ी से जनता का अभिवादन किया. रास्ते भर हजारों भाजपा कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे जिन्होंने ‘मोदी-मोदी’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया.
संस्कृति, भक्ति और आधुनिक भारत का संगम
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर को तमिल संस्कृति और भारत की आध्यात्मिक धरोहर को समर्पित बताया. उन्होंने इलैयाराजा की प्रस्तुति को “आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर” बताया और कहा कि इस कार्यक्रम ने उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत किया है.
अब दूर-दराज के मरीजों तक तेजी से पहुंचेगी मदद, 720 नई एंबुलेंस की तैयारी
असम में बाढ़ का कहर, 50 लोगों की मौत; 40 अब भी लापता, हालात बेहद गंभीर
CJP प्रोटेस्ट लाठीचार्ज पर भड़के राज ठाकरे, बोले- 'ऊपर से आदेश के बिना नहीं होता ऐसा'
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, इराक में धमाके और वेस्ट बैंक में खूनी संघर्ष
स्वास्थ्य क्षेत्र में नया कदम, AIIMS देवघर से शुरू होगी व्यस्क टीकाकरण की नई पहल
दो कैंटरों की भिड़ंत में कैबिन में फंसा चालक, अस्पताल में तोड़ा दम
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत कल फिर होगी
अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर, महिला आयोग अध्यक्ष ने अफसरों को लगाई फटकार
जेपी अस्पताल में हंगामा, 21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद आत्मदाह की चेतावनी
रात में घर लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत, ट्राले से भिड़ी कार