इंग्लैंड में फिर दिखेगा टीम इंडिया का जलवा, BCCI ने 2026 की लिमिटेड ओवर्स सीरीज का शेड्यूल किया जारी
नई दिल्ली : इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत अगले साल सीमित ओवरों की सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा करेगा जिसमें पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय और तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं। भारत का दौरा एक जुलाई को डरहम में टी-20 मैच से शुरू होगा, जिसके बाद मैनचेस्टर (चार जुलाई), नॉटिंघम (सात जुलाई), ब्रिस्टल (नौ जुलाई) और साउथम्प्टन (11 जुलाई) में मैच खेले जाएंगे।
दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज 14 जुलाई से बर्मिंघम में शुरू होगी। इसके बाद 16 जुलाई को कार्डिफ और 19 जुलाई को लॉर्ड्स में मैच खेले जाएंगे। भारतीय महिला टीम भी अगले साल फिर से इंग्लैंड का दौरा करेगी। वह इंग्लैंड की महिला टीम के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज और एक टेस्ट मैच खेलेगी। टी20 श्रृंखला 28 मई को चेम्सफोर्ड में शुरू होगी। उसके बाद 30 मई को ब्रिस्टल और दो जून को टॉन्टन में मैच खेले जाएंगे।
एकमात्र टेस्ट मैच 10 जुलाई से लॉर्ड्स में खेला जाएगा। बेन स्टोक्स की अगुवाई वाली इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम दो टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान की मेजबानी भी करेगी, जबकि हैरी ब्रुक की सीमित ओवरों की टीम वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के अलावा श्रीलंका की मेजबानी करेगी। भारतीय पुरुष टीम अभी टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड में है जबकि भारतीय महिला टीम ने सीमित ओवरों का इंग्लैंड दौरा हाल में समाप्त किया था।
राशिफल 06 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे हों कार्य: राज्यमंत्री गौर
तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय की 129वीं" बैठक हुई
सिंगाजी ताप विद्युत गृह में आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
इंदौर में 9 से 13 जून तक होगा ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट
लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति
बिजली उपभोक्ताओं को आवेदन करने की जरूरत नहीं, नई व्यवस्था लागू
EVM और चुनाव प्रक्रिया पर Gaurav Gogoi ने उठाए सवाल
Iran का 30 दिन का शांति प्रस्ताव—सुलह या नई चाल?