बेकार जा रही कमर तोड़ मेहनत, आते हैं अजीब-अजीब सपने, ये समस्या भूत-प्रेत से ज्यादा खतरनाक, इस ट्रिक से छुड़ाएं पिंड
सावन का पवित्र महीना चल रहा. इस महीने में भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा-आराधना की जाती है. ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. शास्त्रों में सावन को महादेव की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है. कहा जाता है कि इसी माह में भगवान शंकर ने देवी पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था. यही वजह है कि सावन में की गई आराधना से भगवान शंकर शीघ्र प्रसन्न होते हैं. सावन में भगवान शंकर को खुश करने के लिए कुछ खास उपाय अपनाने से कालसर्प दोष से भी मुक्ति मिलती है. कालसर्प दोष ज्योतिष में एक ऐसी स्थिति है जब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु नामक दो छाया ग्रहों के बीच आ जाते हैं. इससे बुरे सपने आना, खासकर सांपों से जुड़े, मानसिक तनाव और बेचैनी, शिक्षा और करियर में बाधाएं, वैवाहिक जीवन में समस्याएं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं.
इसके 12 प्रकार
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि सावन का पवित्र महीना चल रहा है. भगवान शंकर को समर्पित इस महीने में तमाम श्रद्धालु भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए अनेक प्रकार के उपाय करते हैं. सावन के महीने में मान्यता है कि अगर कालसर्प का पूजन किया जाए तो उसका अनंत फल मिलता है और कालसर्प दोष से मुक्ति भी मिलती है. जब व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु विपरीत स्थिति में होते हैं या राहु और केतु के बीच में कई ग्रह एक साथ आ जाएं तब कालसर्प दोष का निर्माण होता है. कालसर्प दोष 12 प्रकार के होते हैं और सभी के अलग-अलग विधान है. कालसर्प से मुक्ति के लिए राहु और केतु के मंत्र का जाप किया जाता है.
इन मंत्रों का डेली करें जाप
ज्योतिष पंडित कल्कि राम कहते हैं कि भगवान शंकर के सम्मुख ही कालसर्प दोष का पूजन किया जाता है तभी उसका परिणाम आता है. भ्रम में पड़कर जो लोग अपने घर में कालसर्प दोष का पूजन करते हैं वो किसी भी प्रकार का फल नहीं पाते. इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए. कालसर्प दोष का पूजन शिव मंदिर में ही करना चाहिए. कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए सबसे पहले नाग-नागिन का जोड़ा रखकर विधि विधान पूर्वक पूजा की जाती है. इसके बाद राहु और केतु के मंत्र का जाप करें. महामृत्युंजय मंत्र के जाप का भी विधान है. सावन में प्रतिदिन भगवान शंकर का अभिषेक करने पर कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है. इस दौरान नाग स्तोत्र का पाठ आवश्यक करना चाहिए. इससे व्यापार, नौकरी और करियर में आ रही बाधा समाप्त होगी और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलेगी.
जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर, DM के आदेश पर लगी रोक
पेपर लीक मुद्दे पर पिघली बर्फ, सरकार और विपक्ष में बनी सहमति; कल सदन में हो सकती है चर्चा
हवाई सफर में हड़कंप, दुबई-मुंबई इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग
'पंजाब को शिक्षा में नंबर 1 बनाया', केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला, पेपर लीक पर भी दिया जवाब
राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी, कहा- पीओके के अलावा किसी मुद्दे पर नहीं होगी बात
फर्जी रोमन थिएटर का 10 साल तक चलता रहा खेल, हजारों रुपये वसूलने के बाद ऐसे खुली पोल
विश्व कप में भारतीय निशानेबाजों का जलवा, ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण, मनु भाकर को कांस्य
'हमने मिठाई तक छोड़ दी...' भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सविता ने बताया मेडल का मंत्र
जयराम रमेश के बयान पर पलटवार, धर्मेंद्र प्रधान बोले- मैं स्ट्रीट फाइटर हूं
मध्य प्रदेश के किसानों के खाते में पहुंचे ₹3300 करोड़, CM मोहन यादव ने खंडवा से दी बड़ी सौगात