दिनांक 1 जुलाई को खाचरौद तहसील के घिनौदा के करीब साजिश के तहत मेरे पुत्र साहिल को एक होटल में घेर कर ब्लेकमैल करने तथा ब्लेकमैल करने में विफल रहने पर जानसे मारने की कोशिश असामाजिक तत्वों द्वारा तब की गई जब वह  चाय पीने के लिए रूक था। जब वे ब्लेकमैल करने में विफल रहें तब ब्लेकमेलर ने लव-जेहाद का मामला गढ़कर मेरे बेटे के साथ मारपीट की गई, मामला जो भी हो किन्तु असामाजिक तत्वों को मेरे बेटे साहिल को मारने का अधिकार किसने दिया?  किसी को लव जिहादी बता कर सांप्रदायिक माहौल खराब करने या मार पीट,जान से मारने की कोशिश करने का अधिकार किसने दिया है? यदि ऐसा कोई मामला हो तो सामाजिक संगठन शासन प्रशासन की मदद लेकर उचित कार्यवाही की मांग कर सकते हैं।कार्यवाही नहीं होने पर शासन प्रशासन पर दबाव बना सकते हैं।खुद ब्लैकमेलिंग,या कानून को हाथ में नहीं ले सकते। ये धर्म के नाम पर खुले आतंकवादी लोग हैं जो किसी को भी षडयंत्र पूर्वक फंसा देते हैं मार देते हैं।यहां तक कि थाने तक पर इनकी दादा गिरी चलती है पुलिस प्रशासन को दबाव में लेकर जबरन जब चाहे जैसा चाहे वो केस दर्ज करवा सकते है। इनका खुला घूमना समाज के लिए बहुत बड़ा खतरा है। यदि इनको ही न्याय करना है तो फिर थाने या न्यायलय किस लिए हे। 

इनपर आ संवैधानिक कार्य करने,पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने और किसी समाज विशेष को बदनाम करने के लिए आतंकवादी घोषित करके सख्त कार्यवाही की जाए। ओर जिस लड़की द्वारा साहिल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है कि साहिल ने ना बालिक लड़की के साथ ब्लैकमेलिंग करके उसके साथ जबरजस्ती की हे तो ये आरोप झूठे हैं साहिल द्वारा कभी भी लड़की को ब्लैकमेल या जबरजस्ती नहीं की हे। न ही साहिल के पास उक्त लड़की की कोई आपत्ति जनक कोई सामग्री भी नहीं है। फिर भी वो दबाव या खुद की इच्छा से जो षडयंत्र पूर्वक केस दर्ज करवा चुकी है। 

लड़की बालिक हे केस को खत्म करने या अन्य किसी प्रकार की ब्लैकमेलिंग
लड़की या उसके परिवार को हमारी और से कोई प्रेशर नहीं दिया गया था या भविष्य में भी कोई प्रेशर नहीं दिया जाएगा। 
उनके द्वारा जो भी केस दर्ज करवाया गया है वो उस केस को अपने हक में न्यायलय में लड़ने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र है ये उसका मौलिक अधिकार है वो अपनी बात न्यायलय में हमारे या किसी अन्य के दबाव के बिना रख सकती हैं। उसका न्यायालय से जो भी निर्णय होगा वो हमें मान्य है। उसको हटाने के लिए हमारी ओर से कोई प्रेशर नहीं दिया जाएगा। हम आ संवैधानिक कोई गतिविधि नहीं करेंगे। 

हमारा नाम लेकर 
लड़की या लड़की के परिवार के साथ कोई ओर अन्य व्यक्ति या लड़की या लड़की के परिवार द्वारा कुछ भी होता हैं तो उसके लिए हमे दोषी न ठहराया जाए।
साहिल शेख को षडयंत्र पूर्वक फसाया गया है। शासन प्रशासन ओर अन्य सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील करते हैं।
साहिल शेख व उसके परिवार को इन आ सामाजिक आतंकवादियों ओर इनके सहयोगियों से खतरा है।हमारी सुरक्षा की जाए।
उक्त बात प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साहिल शेख की माता रानी शेख़ ने नागदा जंक्शन जिला उज्जैन में कही।