झारखंड के सरकारी ठेकों की आड़ में बिहार भेजी जा रही थी नकली शराब
रांची/पटना: बिहार में 2016 से लागू शराबबंदी भले ही सरकार की सामाजिक पहल रही हो, लेकिन इसका फायदा उठाकर झारखंड के शराब माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों ने एक संगठित तस्करी नेटवर्क खड़ा कर लिया। हालिया जांच और गिरफ्तारियों से यह खुलासा हुआ है कि झारखंड में नकली शराब का उत्पादन कर उसे बिहार के सीमावर्ती जिलों में भेजा जा रहा था।
इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा चलाए गए अभियान से हुआ, जिसे “झारखंड शराब घोटाला” कहा जा रहा है। ACB की रिपोर्ट के अनुसार, इस नेटवर्क में सरकारी ठेकों की आड़ में नकली और मिलावटी शराब बनाई जा रही थी, जिसे बिहार में नकली होलोग्राम लगाकर असली की तरह बेचा जा रहा था।
सबसे बड़ा खुलासा यह है कि प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने 50 करोड़ रुपये के नकली होलोग्राम झारखंड को सप्लाई किए। इन होलोग्राम्स के जरिए अवैध शराब को वैध दिखाकर उसे बिहार में ऊंचे दामों पर बेचा गया। इस रैकेट में छत्तीसगढ़ के कारोबारी, झारखंड के अधिकारी और बिहार के तस्कर शामिल पाए गए हैं।
घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया और पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश बताए गए हैं। पूछताछ में सिंघानिया ने चौबे को मास्टरमाइंड बताया, जो 50 करोड़ रुपये की घूस में संलिप्त थे।
साहिबगंज में नकली शराब का एक कारखाना पकड़ा गया, जहां से 10 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद हुई। वहीं, गोड्डा में एक सरकारी गाड़ी से शराब की तस्करी और एक चौकीदार से मारपीट का मामला सामने आया, जिससे प्रशासनिक तंत्र की विफलता उजागर हुई।
नालंदा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर जैसे बिहार के सीमावर्ती जिलों में शराब की भारी मांग के चलते, तस्करों ने मुनाफे के लिए नकली शराब की आपूर्ति की। बिहार में शराबबंदी के चलते नकली शराब की कीमतों में उछाल आया, जिससे इस नेटवर्क को करोड़ों का मुनाफा हुआ।
इस घोटाले ने दोनों राज्यों की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और राजस्व प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ACB और अब संभावित रूप से CBI की कार्रवाई से इस तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता और माफिया से सांठगांठ ने इस अवैध कारोबार को पनपने दिया। अब समय है कि बिहार और झारखंड की सरकारें परस्पर समन्वय से कार्रवाई करें ताकि भविष्य में ऐसी संगठित आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लग सके।
बुलडोजर कार्रवाई पर बयान पड़ा भारी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज
अब दूर-दराज के मरीजों तक तेजी से पहुंचेगी मदद, 720 नई एंबुलेंस की तैयारी
असम में बाढ़ का कहर, 50 लोगों की मौत; 40 अब भी लापता, हालात बेहद गंभीर
CJP प्रोटेस्ट लाठीचार्ज पर भड़के राज ठाकरे, बोले- 'ऊपर से आदेश के बिना नहीं होता ऐसा'
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, इराक में धमाके और वेस्ट बैंक में खूनी संघर्ष
स्वास्थ्य क्षेत्र में नया कदम, AIIMS देवघर से शुरू होगी व्यस्क टीकाकरण की नई पहल
दो कैंटरों की भिड़ंत में कैबिन में फंसा चालक, अस्पताल में तोड़ा दम
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत कल फिर होगी
अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर, महिला आयोग अध्यक्ष ने अफसरों को लगाई फटकार