बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी नोकझोंक
नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर दिया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रश्नकाल के बाद इसे सदन में चर्चा के लिए रखा। स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर 8 घंटे की चर्चा के लिए समय निर्धारित किया है, जिसमें एनडीए को 4 घंटे 40 मिनट और विपक्ष को शेष समय दिया गया है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक का टीडीपी और जेडीयू ने समर्थन करने की बात कही है, जबकि विपक्ष लगातार विरोध जता रहा है। चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड ने बिल को समर्थन देने की घोषणा की है। इन दोनों दलों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थिति के लिए व्हिप भी जारी किया है।दूसरी ओर, विपक्ष इस बिल के खिलाफ एकजुट नजर आ रहा है। तमिलनाडु की एआईएडीएमके, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (बीजेडी) और के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) जैसी तटस्थ मानी जाने वाली पार्टियां भी विपक्ष के साथ खड़ी हैं।
विपक्ष ने की चर्चा का समय बढ़ाने की मांग
विपक्ष ने लोकसभा में चर्चा का समय 12 घंटे करने की मांग उठाई है। इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है, ताकि देश को पता चले कि कौन सी पार्टी किस पक्ष में है।
शाह और वेणुगोपाल में तकरार
बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वेणुगोपाल ने कहा, कि हमें बिल पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। इस पर अमित शाह ने जवाब दिया, कि आपने जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की मांग की थी, हमने सभी सुझावों को स्वीकार किया है।
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