संघ ने काशी और मथुरा को लेकर नई घोषणा की, कहा- आंदोलन में शामिल होंगे!
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आने वाले समय में काशी और मथुरा आंदोलन में बड़ी भूमिका निभा सकता है। बताया जा रहा है कि इन दोनों ही मामलों में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने की अनुमति दे दी है। एक पत्रिका से बातचीत में उन्होंने तीन भाषा नीति का भी समर्थन किया है। उनका कहना है कि यह नीति 95 फीसदी भाषा विवाद का समाधान कर सकती है।
होसबाले ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण की भी बात कही है। उन्होंने कहा, हमारी सभी भाषाओं में बड़े स्तर पर साहित्यिक काम हुआ है। उन्होंने कहा, अगर भविष्य की पीढ़ियां इन भाषाओं को नहीं पढ़ेंगी और लिखेंगी, तो वे कैसे आगे बढ़ेंगी? अंग्रेजी के प्रति लगाव मुख्य रूप से व्यवहारिक कारणों से है। एक और अहम पहलू ऐसा आर्थिक मॉडल बनाना है, जहां भारतीय भाषाओं में पढ़े लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा, वरिष्ठ बुद्धिजीवियों, न्यायाधीशों, शिक्षकों, लेखकों और राजनीतिक और धार्मिक नेताओं को इस मामले में प्रगतिशील रवैया अपनाना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, कन्नड़ पत्रिका विक्रम से बातचीत में होसबाले ने कहा, उस समय (1984) में विश्व हिंदू परिषद, संतों और साधुओं ने तीन मंदिरों की बात की थी। अगर स्वयंसेवकों का एक वर्ग इन तीन मंदिरों (अयोध्या में राम जन्मभूमि मिलाकर) के मामले में जुटना चाहता है, तो हम उन्हें नहीं रोकेंगे। हालांकि, उन्होंने बड़े स्तर पर मस्जिदों पर सवाल उठाने के खिलाफ चेताया और सामाजिक मतभेद से बचने की बात कही है।
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