नंद किशोर गुर्जर ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को भेजा जवाब, आरोप लगाया साजिश का
गाजियाबाद के लोनी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अनुशासनहीनता के लिए जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भेज दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में एक कलश यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और उनकी हत्या करने की साजिश रची गई थी.
बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को 27 मार्च को भेजे जवाब में विधायक नंद किशोर गुर्जर ने यह दावा किया कि लखनऊ में तैनात एक आईपीएस अधिकारी ने उन्हें पहले ही सूचित कर दिया था कि स्थानीय पुलिस राम कथा से पहले आयोजित कलश यात्रा के दौरान बाधा उत्पन्न करेगी.
पुलिस ने समर्थकों के साथ की मारपीट
अपने स्पष्टीकरण पत्र में नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि राम कथा से पहले लगभग 11 हजार महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर जा रही थीं, जिन्हें पुलिस ने यह कहकर रोक लिया कि आयोजकों ने कलश यात्रा की अनुमति नहीं ली है. पुलिस ने उनके और कुछ समर्थकों के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं.
महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार
नंद किशोर गुर्जर ने बताया कि उन्होंने कलश यात्रा के लिए लोनी प्रशासन से अनुमति ले ली थी. उन्होंने कहा कि लेकिन पुलिस ने उपवास में सिर पर कलश रखकर नंगे पैर चल रही महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया. तीन मुस्लिम लड़कों ने मुझे पहले ही बता दिया था कि पुलिस ने उनके साथ मिलकर लोनी में सांप्रदायिक दंगा भड़काने के लिए छतों से पत्थरबाजी करने की योजना बनाई थी. पुलिस इसे मुझ पर गोली चलाने का बहाना बनाना चाहती थी.
विधायक ने अपने जवाब में कहा कि लखनऊ में तैनात एक आईपीएस अधिकारी ने मुझे पहले ही सूचित कर दिया था कि पुलिस कलश यात्रा में बाधा उत्पन्न करेगी और मुझ पर लाठियां बरसाएगी. यहां तक कि मुझे गोली भी मारी जा सकती है.
राम कथा का आयोजन करना अनुशासनहीनता?
नंद किशोर गुर्जर ने रविवार को कहा कि अगर राम कथा का आयोजन करना अनुशासनहीनता है तो राम कथा का आयोजन न करने का निर्देश दिया जाना चाहिए. तब मैं इस पर विचार करूंगा. अभी तक महिलाओं पर लाठीचार्ज के लिए किसी पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इसलिए मेरा मानना है कि पार्टी इस पर जरूर विचार करेगी. बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 23 मार्च को राज्य सरकार के खिलाफ गुस्सा जताने और तल्ख बयानबाजी के बाद अनुशासनहीनता के आरोप में नंद किशोर गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
विधायक को कारण बताओ नोटिस
विधायक को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से आप सार्वजनिक स्थानों पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं और आपके बयानों तथा कार्यों से पार्टी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. नोटिस में कहा गया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशानुसार, आपको (गुर्जर) यह पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए सूचित किया जाता है कि आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए?
अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार
बीजेपी विधायक ने 21 मार्च को एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार है और अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुमराह कर रहे हैं और सरकारी खजाने को लूट रहे हैं. गुर्जर फटे कुर्ते में प्रेस वार्ता में शामिल हुए और दावा किया कि पुलिस ने मेरे कपड़े फाड़ दिए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव महाराज जी (योगी आदित्यनाथ) को नियंत्रित कर रहे हैं. गुर्जर ने कहा था कि मुख्य सचिव दुनिया के सबसे भ्रष्ट अधिकारी हैं. अधिकारियों ने अयोध्या में जमीन लूटी है.
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