1984 सिख दंगे: जरनैल सिंह ने बीजेपी से भी दोषियों को सजा दिलवाने की मांग की
जरनैल सिंह: 1984 के सिख दंगे एक बार फिर सुर्खियों में है. आम आदमी पार्टी के नेता और तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि 1984 के सिख दंगे के प्रमुख आरोपी सज्जन कुमार को 41 साल बाद उम्रकैद की सजा मिली है, लेकिन BJP को अपनी पीठ थपथपाने के बजाय उन नेताओं को भी सजा दिलवानी चाहिए जो दंगे में शामिल रहे हैं. 25 फरवरी को प्रेस वार्ता में जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस से BJP में आए कैप्टन अमरिंदर सिंह और जंगपुरा से BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह भी यह मांग कर चुके हैं कि सिख दंगे में शामिल BJP और RSS के लोगों को भी कड़ी सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल हर व्यक्ति को सख्त सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से संबंध रखता हो.
उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी मिले- जरनैल सिंह
उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख कत्लेआम के प्रमुख आरोपी सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है. न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है, और 41 साल बाद यह फैसला आया है, जब सज्जन कुमार की उम्र लगभग 80 साल हो चुकी है. पीड़ितों को उम्मीद थी कि हजारों सिखों की हत्या के आरोपी को उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी की सजा दी जानी चाहिए थी.
SIT गठन के जांच का श्रेय ले रही है BJP- जरनैल सिंह
जरनैल सिंह ने BJP नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस फैसले का श्रेय ले रहे हैं कि उनकी बनाई SIT ने जांच की, लेकिन अगर जांच किया तो उसे सभी दोषियों को सजा दिलवानी चाहिए, चाहे वे कांग्रेस के हों या BJP और RSS के हों. उन्होंने बताया कि 1993 में दर्ज FIR संख्या 446/93 में BJP और RSS के कई नेताओं के नाम शामिल हैं, जिनमें राम कुमार जैन, प्रीतम सिंह, रामचंद्र गुप्ता, रत्न लाल, ज्ञानलाल, चंद्रसेन, प्रदीप कुमार, हंसराज, बाबूलाल, वेद महिपाल शर्मा, पदम कुमार और सुरेश चंद शामिल हैं. इनमें से एक दोषी BJP के बड़े नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव एजेंट भी रह चुके हैं.
कैप्टन अमरिंदर सिंह भी सजा मिलने की बात कह चुके हैं
जरनैल सिंह ने यह भी कहा कि जंगपुरा के BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने खुद इन नामों का खुलासा किया था. कैप्टन अमरिंदर सिंह, जो पहले कांग्रेस में थे और अब BJP में हैं, उन्होंने भी स्पष्ट रूप से कहा था कि 1984 के दंगे में शामिल BJP और RSS नेताओं को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने न्यायपालिका से अपील की कि 41 साल बहुत लंबा समय होता है. अगर न्यायपालिका को अपनी साख बचानी है, तो सभी दोषियों को, चाहे वे किसी भी दल से संबंध रखते हों, जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसे जघन्य अपराधों का सही मायने में न्याय हो सके.
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