अक्षरा सिंह का होली गाना जल्द होगा रिलीज, फैंस में मचा उत्साह
भोजपुरी अदाकारा अक्षरा सिंह होली के हिंदी गानों के साथ जल्द ही दस्तक देने वाली हैं। अक्षरा के इन गानों को होली स्पेशल एल्बम में बनाया गया है। छठ हो, होली हो या दिवाली अक्षरा के गानों के बिना हर त्योहार अधूरा सा लगता है। अब साल 2025 की होली पर अक्षरा का स्पेशल गाना आ रहा है।
इस दिन रिलीज होगा एल्बम
अक्षरा का होली वाला ये एल्बम 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। खुद अभिनेत्री ने बताया कि गाने हिंदी में ही हैं, लेकिन उनकी खुशबू और रंग यूपी बिहार वाले हैं। गाने को अक्षरा ने अपनी सुरीली आवाज से सजाया है साथ ही गाने पर उन्होंने परफॉर्म भी किया है। इसमें होली के रंग नजर आ रहे हैं। शरारत भी है और त्योहार की उमंग भी।
सोशल मीडिया पर की पोस्ट
अक्षरा ने इस गाने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि ये गीत जरूर सुनिए और सुनाइए। होली साथ मनाते हैं। 27 फरवरी को आ रहा है गाना। पूरी टीम जिसने भी ये गाना बनाया है सभी को धन्यवाद।
यूजर्स से मिली ऐसी प्रतिक्रिया
दर्शकों को टीजर इतना दिलचस्प लगा है कि गाने के प्रति उनकी बेकरारी बढ़ गई है। यूजर्स अक्षरा की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'सुपरहिट'। एक यूजर ने लिखा, 'अबकी होली जानदार होने वाली है, अक्षरा का गाना जो आया है'। एक यूजर ने लिखा, 'पोस्टर बहुत प्यारा है'। इसके अलावा भी पोस्ट पर फैंस ने कई सारे हार्ट इमोजी शेयर किए हैं। इस गाने के बोल मनोज मतलबी ने लिखे हैं।
राशिफल 06 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे हों कार्य: राज्यमंत्री गौर
तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय की 129वीं" बैठक हुई
सिंगाजी ताप विद्युत गृह में आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
इंदौर में 9 से 13 जून तक होगा ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट
लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति
बिजली उपभोक्ताओं को आवेदन करने की जरूरत नहीं, नई व्यवस्था लागू
EVM और चुनाव प्रक्रिया पर Gaurav Gogoi ने उठाए सवाल
Iran का 30 दिन का शांति प्रस्ताव—सुलह या नई चाल?