पीएम मोदी की सभा में पॉकेटमारों ने जेबें खाली की, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बिहार के भागलपुर में एक विशाल जनसभा करने वाले हैं. कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भारी भीड़ पहुंच रही है. इस रैली के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं. लेकिन रैली स्थल पर इतनी बड़ी भीड़ देखकर पॉकेटमार भी सक्रिय हो गए हैं. जेबकतरों ने भीड़ का फायदा उठाकर कई लोगों की जेबें खाली कर दीं. कई लोगों ने अपने पैसे और मोबाइल चोरी होने की शिकायत की है.
जेबकतरों ने कई लोगों को बनाया निशाना
पीएम मोदी के इस कार्यक्रम की सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली से आई एसपीजी टीम ने संभाला हुआ है. रैली स्थल पर किसी भी व्यक्ति को मोबाइल के अलावा कोई भी अन्य सामान ले जाने की अनुमति नहीं है. इसके बावजूद भी जेबकतरों ने लोगों को अपना निशाना बनाया. पीड़ितों के मुताबिक, जैसे ही लोग रैली में जाने के लिए लाइन में लगे, जेबकतरों ने भीड़ का फायदा उठाया और हरकत में आ गए. कई लोगों के पैसे और मोबाइल चोरी हो गए.
थाना प्रभारी ने सुरक्षाकर्मियों को किया अलर्ट
रैली स्थल में प्रवेश करने के लिए लाइन में खड़े कुछ लोगों ने एक थाना प्रभारी को पॉकेटमारी होने की सूचना दी. इसके बाद थाना प्रभारी ने तुरंत वॉकी के माध्यम से गेट नंबर 1 पर इस बात की सूचना दी और सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया. सभा स्थल पर प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
राशिफल 06 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे हों कार्य: राज्यमंत्री गौर
तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय की 129वीं" बैठक हुई
सिंगाजी ताप विद्युत गृह में आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
इंदौर में 9 से 13 जून तक होगा ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण करें : जल संसाधन मंत्री सिलावट
लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति
बिजली उपभोक्ताओं को आवेदन करने की जरूरत नहीं, नई व्यवस्था लागू
EVM और चुनाव प्रक्रिया पर Gaurav Gogoi ने उठाए सवाल
Iran का 30 दिन का शांति प्रस्ताव—सुलह या नई चाल?